केबिनेट की बैठक का अहम फैसला 1540 सहकारी बैंक अब होगी रिजर्व बैंक की निगरानी में
बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया बैंकिंग सेक्टर को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मोदी की अध्यक्षता कैबिनेट ने अध्यादेश पर मुहर लगाते हुए सभी सहकारी बैंकों को रिजर्व बैंक के दायरे में ला दिया है। इससे लोगों को बचत की गारंटी मिलेगी। जावड़ेकर ने कहा कि देश में 1482 अर्बन कोऑपेटिव बैंक और हैं 85 मल्टी स्टेक सहकारी बैंक हैं, इनको लेकर आज अध्यादेश लाया गया है कि ये सभी बैंक रिजर्व बैंक के सुपरविजन में कार्य करेंगे। सभी बैंकिंग नियम इन सहकारी बैंकों पर लागू होगा। इसका फायदा होगा कि जमाकर्ता को भरोसा मिलेगा कि हमारा पैसा सुरक्षित है। 8 करोड़ 60 लाख खाताधारक की संख्या हैं इन 1540 सहकारी बैंकों में। 4 लाख करोड़ 84 लाख रुपए जमा हैं। इस सबकी सुरक्षा होगी। रिस्ट्रक्चरिंग के समय लोगों को डर लगता है, जो हमने कुछ मामलों में देखा। अब यह नहीं होगा। मुद्रा लोन योजना के तहत शिशु मुद्रा लोन लेने वाले 9 करोड़ 37 लाख लोगों को ब्याज में दो फीसदी की छूट मिलेगी। ठेले और रेहड़ी पटरी वाले या छोटे दुकानदारों मुद्रा योजना से पहले साहूकारों से पैसा लेते थे, उन्हें बहुत ब्याज चुकाना होता था। अब उन्हें बैंकों से पैसा मिलता है। उन्हें अब 2 फीसदी की छूट मिलेगी। छोटे आदमी को बड़ा फायदा देने वाली योजना है। 1 जून 2020 से यह योजना लागू होगा और 31 मई 2021 तक चलेगी। इसके लिए इस वर्ष में 1540 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
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