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आई पी ओ अपडेट 2021

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वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में लगभग 10-15 आईपीओ आ सकते हैं, जिनमें से पांच या छह आईपीओ अप्रैल के माह में ही आ सकते हैं. रियल एस्टेट कंपनी मैक्रोटेक डेवलपर्स, जिसे पहले लोढ़ा डेवलपर्स के रूप में जाना जाता था. इस वर्ष आईपीओ के जरिए 2,500 करोड़ रुपये जुटा सकती है, 7 से 9 अप्रैल के बीच खूलेगा अन्य आईपीओ जो लाइन-अप हैं उनमें हैदराबाद स्थित डोडला डेयरी, कॉरपोरेट हेल्थकेयर ग्रुप कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (KIMS) हॉस्पिटल्स, इंडिया पेस्टिसाइड्स, ऑटो एंसिलरी कंपनी, सोना बीएलडब्ल्यू प्रिसिजन,फोर्जिंग्स (सोना कॉमस्टार) और किफायती हाउसिंग फाइनेंस फर्म आधार हाउसिंग फाइनेंस शामिल हैं. इसी से अनुमानित अप्रैल में ही 18 हजार करोड़ रुपये के आई पी ओ बाजार में आएंगे.  जून 2021 में रोलेक्स रिंग्स, पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक, सीबोर्न लॉजिस्टिक्स, आरोहण फाइनेंशियल सर्विसेज, मोंटे कार्लो, सेवन आइलैंड्स शिपिंग, एक्सोकारो टाइल्स और गोएयर के  आई पी ओ आने की उम्मीद हैं. यह वर्ष इसलिए भी खास है क्योंकि वित्तीय क्षेत्र की सबसे बड़ी ज...

सीनियर सिटीज़न्स सेविंग्स स्कीम, जिसके तहत 5 साल मैं बनेंगे 14 लाख रूपये

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सीनियर सिटीज़न्स सेविंग्स स्कीम सीनियर सिटीज़न्स सेविंग्स स्कीम (Senior Citizens Savings Scheme - SCSS) में खाता खुलवाने के लिए आपकी आयु सीमा 60 साल होनी चाहिए. 60 साल या उससे ज्यादा आयु के लोग ही इस स्कीम में खाता खुलवा सकते हैं. इसके अलावा जिन लोगों ने VRS, यानी Voluntary Retirement Scheme ले रखी है वह लोग भी इस स्कीम में खाता खुलवा सकतेबात दें इस स्कीम में आपको जमा की गई पूंजी पर सालाना 8.7 फीसदी का दर से ब्याज मिलता है. इसके साथ ही इस स्कीम के तहत निवेशकों को इनकम टैक्स में लाभ भी मिलता है. इसके साथ ही खाताधारकों को इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत छूट मिलती है. अगर ब्याज की रकम 50,000 रुपये सालाना से अधिक है, तो TDS काटा जाता है.  एकाउंट खुलवाने के लिए कितने अमाउंट की ज़रूरत होगी...? इस स्कीम में खाता खुलवाने के लिए मिनिमम राशि 1000 रुपए है. इसके अलावा इस खाते में आप अधिकतम 15 लाख रुपए से ज्यादा नहीं रख सकते हैं. इसके अलावा अगर आप एक लाख रुपए से कम की राशि से खाता खूलवाते है तो आप नकद पैसे देकर भी खाता खुलवा सकते हैं. वहीं, एक लाख रुपए से अधिक राशि से खाता खुलवान...

स्मॉल कैप और मिड कैप क्या है ?

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लंबी अवधि में बड़ा रिटर्न (Return) पाना हो तो अकसर एक्सपर्ट्स मिड कैप (Mid Cap) और स्मॉल कैप (Small Cap) फंड्स में निवेश की सलाह देते हैं. पर क्या सभी निवेशकों (Investor) के लिए ये कैटेगरी सही है या फिर ज़्यादा जोखिम उठाने वाले ही इन फंड्स को चुनें. मिड कैप में अगर निवेश करना है तो कितनी अवधि का आपका लक्ष्य होना चाहिए? या स्मॉल कैप फंड्स किन निवेशकों के लिए सही हैं? क्या हो आपकी निवेश की स्ट्रैटजी? स्मॉल कैप और मिड कैप  क्या है  ? - कंपनियों को मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर किया जाता है - मार्केट कैपिटलाइजेशन के अनुसार पहली 100 कंपनियां लार्ज कैप - 101 से लेकर 250 तक की कंपनियां मिड कैप श्रेणी में गिनी जाती हैं - 251 और उससे नीचे की कंपनियां स्मॉल कैप की श्रेणी में गिनी जाती हैं जिनका मार्केट कैपिटलाइजेशन 5000 करोड़ रुपए से कम होता है , वे स्मॉल कैप कंपनियां हैं मिड कैप फंड्स क्या हैं? - मिड कैप MF मिड कैप कंपनियों में निवेश करते हैं इनमें बड़े आकार की कंपनी बनने का दमदमा होता है - इन कंपनियों में निवेश  करने से ज्यादा रिटर्न पाने का मौका - ...

आईपीओ (IPO) क्या है,

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आईपीओ क्या है: What is IPO? आईपीओ (IPO) का मतलब  प्रारंभिक पब्लिक पेशकश इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग है। लेकिन इसका क्या तात्पर्य है? प्रत्येक शब्द का पूर्ण रूप से एक विशिष्ट अर्थ है | इनिशियल  का तात्पर्य शुरुआत से है। पब्लिक  का मतलब विशेष रूप से आम जनता के लिए है ,आप, मैं, या कोई भी। ऑफरिंग  का मतलब कुछ देना से है, या दिया जाने से है। चूंकि हम शेयर बाजार के बारे में बात कर रहे हैं, यह निश्चित रूप से से वित्त संबंधित है| जब किसी कंपनी को वित्त की आवश्यकता होती है तो कम्पनी के पास दो स्त्रोत होते है या तो वो जनता से धन एकत्रित करे या फिर वो बैंक से लोन ले. तो जब जब कोई कंपनी इक्विटी में जनता से धनराशी एकत्रित करना चाहती हैं तो उस समय वह शेयर मार्केट में लिस्टेड होकर अपने जनरल शेयर को पब्लिक के सामने पहली बार इश्यु करती है, इसी प्रक्रिया को इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) कहते है। आसन भाषा में IPO को पब्लिक इश्यु भी कहा जाता है. आईपीओ मिनिमम 3 दिन ओर अधिकतम 10 दिनों तक खुला रहता है | इस अवधि के  बीच  निवेशक आईपीओ  खरीद सकता है | आईपीओ में SEBI की भूमिका ...

एनपीएस अकाउंट (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली) क्या है |

रिटायरमेंट के बाद भी आपको नियमित आय होती रहे, इसके लिए रिटायरमेंट प्लानिंग बहुत जरूरी है. अलग-अलग जगह निवेश कर आप आज से ही अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं. रिटायरमेंट प्लानिंग के लिहाज से निवेश का एक अच्छा विकल्प नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) भी है. आइये पहले जाने कि नेशनल पेंशन स्कीम क्या है? नेशनल पेंशन स्कीम क्या है ? नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) को जनवरी 2004 में सरकारी कर्मचारियों के लिए शुरू किया गया था. इसे 2009 में सभी कैटगरी के लोगों के लिए खोल दिया गया. कोई भी व्यक्ति अपने कामकाजी जीवन के दौरान पेंशन खाते में नियमित रूप से योगदान दे सकता है. इकठ्ठा हुई धन राशि के एक हिस्से को वह एक बार में निकाल भी सकता है और बची हुई राशि का इस्तेमाल रिटायरमेंट के बाद नियमित आय प्राप्त करने के लिए कर सकता है. व्यक्ति के निवेश और उस पर मिलने वाले रिटर्न से NPS खाता बढ़ता है. ये सभी लोग इस खाते में निवेश कर सकते हैं… केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए  निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए  आम नागरिकों के लिए योजना में कौन शामिल हो सकता है? कोई भी भारतीय नागरि...

पॉपुलर एप Slack का अधिग्रहण पर लगी मुहर

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पॉपुलर वर्कप्लेस चैट ऐप Slack को अमेरिकी क्लाउड कंप्यूटिंग कंपनी Salesforce खरीद रही है. ये अधिग्रहण ग्लोबल सॉफ़्टवेयर इंडस्ट्री के इतिहास का सबसे बड़े अधिग्रहण में से एक है. आपको बता दें कि फ़ेसबुक ने WhatsApp को 19 बिलियन डॉलर में ख़रीदा था, यानी ये डील WhatsApp अधिग्रहण से भी बड़ी है.हालांकि फेसबुक ने वॉट्सऐप को 2014 में ही खरीदा था. Salesforce कंपनी ने ऐलान किया है कि वे Slack को 27.7 बिलियन डॉलर में खरीद रही है. इसे हम भारतीय रुपये में तब्दील करें तो ये लगभग 20.36 खरब रुपये होता है. पिछले कुछ हफ़्तों से इस डील को लेकर चर्चा तो थी, लेकिन अब इस पर मुहर भी लग चुकी है. पिछले कुछ सालों में सॉफ़्टवेयर इंडस्ट्री में किया जाने वाला ये सबसे बड़ा अधिग्रहण होगा. Salesforce के सीईओ मार्क बेनियॉफ ने कहा कि स्टीवर्ट और उनकी टीम ने एंटरप्राइज़ सॉफ़्टवेयर की हिस्ट्री के एक बेहद ही शानदार प्रोडक्ट बनाया है और इसका इकोसिस्टम भी अविश्नसनीय रहा है. सेल्सफोर्स के सीईओ ने कहा कि सेल्सफोर्स और स्लैक एक साथ मिल कर एक एंटरप्राइज सॉफ़्टवेयर के फ्यूचर को शेप देंगे और जो लोग दुनिया में कहीं भी का...

जानिए अमूल्य रत्नों की पुरानी वजन पद्धति

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आज आपको पुरानी वजन पद्धति बताते है,जिससे हमारे पूर्वज सोना चांदी हीरे अन्य अमूल्य रत्न या औषधि का वजन किया करते थे।        एक पौधा होता है #गूंजा नाम का जिससे फली लगती है जिसमे लाल और काला रंग का बीज निकलता है... जिसे रत्ती कहा जाता है।  प्रकृति का कमाल देखिए, सभी बीज एक ही वजन के होते है, 0.001 मिलीग्राम का भी फर्क नहीं होता। रत्ती भारतीय उपमहाद्वीप का एक पारम्परिक वज़न का माप है, जो आज भी ज़ेवर तोलने के लिए जोहरियों द्वारा प्रयोग किया जाता है। आधुनिक वज़न के हिसाब से एक रत्ती लगभग 0.121497 ग्राम के बराबर है। इस 1 रत्ती का स्टैंडर्ड वजन होता है 0.121497956 ग्राम। ४ धान की एक रत्ती बनती है (.121497) ८ रत्ती का एक माशा बनता है (.9719) मिलीग्राम १२ माशों का एक तोला          (11.660) ग्राम ५ तोलों की एक छटाक बनती है (58.300) ग्राम १६ छटाक का एक सेर बनता है (932.800)ग्राम ५ सेर की एक पनसेरी बनती है (4.664) किलो ग्राम ८ पनसेरियों का एक मन बनता है ( 37.312)किलो ग्राम पहले आने, दो आने चार आने के वजन का भी चलन था। जिसमे 16 आने का तोला होता था। ...