सीनियर सिटीज़न्स सेविंग्स स्कीम, जिसके तहत 5 साल मैं बनेंगे 14 लाख रूपये

सीनियर सिटीज़न्स सेविंग्स स्कीम

सीनियर सिटीज़न्स सेविंग्स स्कीम (Senior Citizens Savings Scheme - SCSS) में खाता खुलवाने के लिए आपकी आयु सीमा 60 साल होनी चाहिए. 60 साल या उससे ज्यादा आयु के लोग ही इस स्कीम में खाता खुलवा सकते हैं. इसके अलावा जिन लोगों ने VRS, यानी Voluntary Retirement Scheme ले रखी है वह लोग भी इस स्कीम में खाता खुलवा सकतेबात दें इस स्कीम में आपको जमा की गई पूंजी पर सालाना 8.7 फीसदी का दर से ब्याज मिलता है. इसके साथ ही इस स्कीम के तहत निवेशकों को इनकम टैक्स में लाभ भी मिलता है. इसके साथ ही खाताधारकों को इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत छूट मिलती है. अगर ब्याज की रकम 50,000 रुपये सालाना से अधिक है, तो TDS काटा जाता है. 

एकाउंट खुलवाने के लिए कितने अमाउंट की ज़रूरत होगी...?

इस स्कीम में खाता खुलवाने के लिए मिनिमम राशि 1000 रुपए है. इसके अलावा इस खाते में आप अधिकतम 15 लाख रुपए से ज्यादा नहीं रख सकते हैं. इसके अलावा अगर आप एक लाख रुपए से कम की राशि से खाता खूलवाते है तो आप नकद पैसे देकर भी खाता खुलवा सकते हैं. वहीं, एक लाख रुपए से अधिक राशि से खाता खुलवाने के लिए आपको चेक देना होगा. 

10 लाख निवेश करने पर मिलेंगे 14 लाख से ज्यादा

अगर सीनियर सिटीजंस स्कीम में आप एक मुश्त 10 लाख रुपए का निवेश करेंगे तो सालाना 7.4 फीसदी (कंपाउंडिंग) की ब्याज दर के हिसाब से 5 साल बाद यानी मेच्योरिटी पर निवेशकों को कुल रकम 14,28,964 रुपए होगी यानी 14 लाख रुपए से ज्यादा. यहां आपको ब्याज के रूप में 4,28,964 रुपए का फायदा होता है.

मैच्योरिटी पीरियड
SCSS का मैच्योरिटी पीरियड 5 साल की है, लेकिन अगर निवेशक चाहें तो इस समय सीमा को बढ़ाया भी जा सकता है.  आप मैच्योरिटी के बाद भी इस स्कीम को 3 साल के लिए बढ़ा सकते हैं. इसको बढ़ाने के लिए आपको पोस्ट ऑफिस में जाकर आवेदन करना पड़ेगा. बात दें इस स्कीम के तहत आपको जमा की गई पूंजी पर सालाना 8.7 फीसदी का दर से ब्याज मिलता है. इसके साथ ही इस स्कीम के तहत निवेशकों को इनकम टैक्स में लाभ भी मिलता है. इसी के साथ ही खाताधारकों को इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत छूट मिलती है. अगर ब्याज की रकम 50,000 रुपये सालाना से ज्यादा होती है, तो TDS काटा जाता है.

ब्याज का भुगतान 
सीनियर सिटीज़न्स सेविंग्स स्कीम (Senior Citizens Savings Scheme - SCSS) में निवेशकों को ब्याज तिमाही आधार पर मिलता है. यानी आपको अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर व जनवरी के पहले वर्किंग डे को क्रेडिट कर दिया जाता है.

प्रीमैच्योर क्लोजिंग
इसके अलावा अगर आप मैच्योरिटी पीरियड खत्म होने से पहले इस स्कीम को बंद कराते हैं तो पोस्ट ऑफिस आपकी बचत की रकम में कुछ हिस्सा डिडक्शन कर लेगा. अगर आप एक साल बाद प्रीमैच्योर क्लोजिंग करते हैं तो पोस्ट ऑफिस आपकी जमा रकम का 1.5 फीसदी हिस्सा काट लेता है और बची हुई राशि आपके खाते में क्रेडिट कर दी जाती है. 

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