कॉरोना काल में चार लोगो के लिए बुक किया पूरा प्लेन
एयरलाइन के एक अधिकारी ने बताया कि अभी बहुत से उच्च आय वाले लोग और कंपनियां कोरोना वायरस के चलते भारी भीड़ से बचना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि भारत में विमान टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की कीमत बहुत कम है, इस समय एयरलाइंस और चार्टर कंपनियां उचित दरों की पेश करने में समर्थ हैं। इस कारण वायरस से बचने के लिए एचएनआई/कॉरपोरेट्स को भुगतान करने में कोई आपत्ति नहीं होती है। एक ए320 को चार्टर करने में चार से पांच लाख रुपये प्रति घंटे का खर्च आता है। इस तरह दिल्ली-मुंबई के बीच चार्टर करने में लगभग 16 से 18 लाख रुपये का खर्च आएगा। वहीं, कीमतें एटीएफ की कीमत पर निर्भर करती है। चार्टर उद्योग के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि जिस दिन भारत में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पाबंदी की घोषणा की जाने वाली थी, उससे एक दिन पहले ही तीन लोगों के परिवार ने यूरोप से भारत आने के लिए एक चार्टर विमान बुक किया था। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का खर्च तकरीबन 80 लाख रुपये आया था। एयरलाइन के एक अधिकारी ने बताया कि यहां बहुत से उच्च आय वाले लोग और कंपनियां कोरोना वायरस के चलते भारी भीड़ से बचना चाहते ...