पीएम मोदी की ओर से घोषित 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज
देश में जारी लॉकडाउन-3 के बावजूद कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है. भारत में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 82 हजार के करीब पहुंच गया है. वहीं, अब तक 20 लाख से ज्यादा लोगों के टेस्ट हो चुके हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार सुबह जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में संक्रमितों की संख्या 81,970 हो गई है. वहीं, अब तक कुल 2649 लोगों की मौत हो चुकी है. अगर बीते 24 घंटे की बात करें तो इस दौरान 3967 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 100 लोगों की मौत हुई है. इसी बीच राहत की खबर यह है कि कोरोनावायरस को मात देने वालों की संख्या बढ़कर 27920 हो गई है.
आत्मनिर्भर भारत और कोरोना वायरस लॉकडाउन से प्रभावित अर्थव्यवस्था के लिए पीएम मोदी की ओर से घोषित 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज के तीसरे हिस्से का वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ऐलान कर रही हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम मोदी ने 12 मार्च को आत्मनिर्भर भारत के लिए सप्लाई चेन और डेमोग्राफी की बात की थी। आज कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों पर फोकस रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत की अधिकांश जनसंख्या कृषि पर आधारित है। आज इनके लिए 11 चरणों में ऐलान किया जाएगा
किसान देश का पेट भरने के साथ निर्यात भी करता है। अनाज भंडारण, कोल्ड चेन और अन्य कृषि आधारित इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 1 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। कृषि उत्पादक संघ, कृषि स्टार्टअप आदि का भी इसका लाभ होगा। इससे पहले बुधवार और गुरुवार को उन्होंने एमएसएमई, नौकरी पेशा, टैक्सपेयर्स, किसानों, छोटे व्यापारियों, फेरीवालों और प्रवासी मजदूरों के लिए राहत का ऐलान कर चुकी हैं।
गुरुवार का राहत पैकेज
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को 2.5 करोड़ किसानों को रियायती दर पर 2 लाख करोड़ रुपए का ऋण देने का ऐलान किया। इसके अलावा छोटे और सीमांत किसानों को लाभ देने के लिए 30 हजार करोड़ रुपए की अतिरिक्त सुविधा देने की बात कही।
मध्यम वर्ग को आवासीय योजना
मध्यम वर्ग और हाउजिंग सेक्टर को राहत देते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाले लोन सब्सिडी योजना को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। 6-18 लाख रुपए की वार्षिक आमदनी वाले लोग इसका फायदा ले पाएंगे। इसके लिए 70 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
रेहड़ी पटरी वालों को 10 हजार तक लोन
रेहड़ी, पटरी, फेरीवालों के लिए सरकार एक महीने में ऋण योजना लाएगी। इसके तहत 50 लाख फेरीवालों को 5 हजार करोड़ रुपए की ऋण सहायता दी जाएगी। ये आसानी से 10 हजार रुपए तक का ऋण ले सकते हैं। ताकी लॉकडाउन खत्म होने के बाद वे अपना काम दोबारा शुरू कर सकें।
मुद्रा शिशु लोन योजना में ब्याज राहत
मुद्रा शिशु लोन योजना के तहत 1500 करोड़ रुपए की ब्याज राहत दी जाएगी। एक लाख 62 हजार करोड़ रुपए इसके तहत दिए गए हैं।
रेंटल हाउसिंग स्कीम
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों के लिए रेंटल हाउसिंग स्कीम लाएगी। पीपीपी मॉडल पर किराये पर रहने के लिए घर बनाएं जाएंगे, जिनमें वे कम किराए में रह सकते हैं। ताकि वे कम किराया खर्च करके शहर में रह सकें।
मजदूरों को मुफ्त राशन
अगले दो महीने तक सभी प्रवासी मजदूरों को बिना कार्ड के ही 5 किलो प्रति व्यक्ति गेहूं या चावल और एक किलो चना प्रति परिवार देगी। इससे करीब 8 करोड़ प्रवासियों को फायदा होगा। इस पर करीब 3500 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी।
बुधवार का राहत पैकेज -1
1. इस अभियान के तहत एमएसएमई के लिए 3 लाख करोड़ रुपए का कोलेट्रल फ्री ऋण देने का प्रावधान या है। ऋण चार वर्ष के लिए होगी और पहले एक वर्ष मूलधन का भुगतान नहीं करना होगा। इसके तहत 100 करोड़ रुपए के कारोबार वाले एमएसएमई को 25 करोड़ रुपए तक का ऋण मिलेगा। यह योजना 31 अक्टूबर 2020 तक उपलब्ध होगी।
2. इसके साथ ही एमएसएमई के परिभाषा में बदलाव किया गया है। एमएसएमई की नई परिभाषा में माइक्रो उद्यम में 1 करोड़ रुपए तक का निवेश किया जा सकेगा और इसके कारोबार की सीमा 5 करोड़ रुपए होगी। और लघु उद्योग में 10 करोड़ रुपए का निवेश किया जा सकेगा और इसका कुल वार्षिक कारोबार 50 करोड़ रुपए का होगा। मध्यम उद्योग में 20 करोड़ रुपए तक निवेश होगा और इसका कुल कारोबार 100 करोड़ रुपए तक का होगा।
3. सभी आयकर रिटर्न की अवधि 30 नंवबर 2020 तक बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही 30 सितंबर तक भरे जाने वोल कर आडिट रिपोर्ट की अवधि भी 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है।
4. पांच लाख रुपए तक के सभी लंबित रिफंड जारी किय जा रहे हैं। अब तक 14 लाख से अधिक रिफंड जारी किये जा चुके है। 30 सितंबर तक की आंकलन तिथि को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2020 और 31 मार्च 2021 तक की तिथि को बढ़ाकर 30 सितंबर 2021 कर दिया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को 2.5 करोड़ किसानों को रियायती दर पर 2 लाख करोड़ रुपए का ऋण देने का ऐलान किया। इसके अलावा छोटे और सीमांत किसानों को लाभ देने के लिए 30 हजार करोड़ रुपए की अतिरिक्त सुविधा देने की बात कही।
मध्यम वर्ग को आवासीय योजना
मध्यम वर्ग और हाउजिंग सेक्टर को राहत देते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाले लोन सब्सिडी योजना को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। 6-18 लाख रुपए की वार्षिक आमदनी वाले लोग इसका फायदा ले पाएंगे। इसके लिए 70 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
रेहड़ी पटरी वालों को 10 हजार तक लोन
रेहड़ी, पटरी, फेरीवालों के लिए सरकार एक महीने में ऋण योजना लाएगी। इसके तहत 50 लाख फेरीवालों को 5 हजार करोड़ रुपए की ऋण सहायता दी जाएगी। ये आसानी से 10 हजार रुपए तक का ऋण ले सकते हैं। ताकी लॉकडाउन खत्म होने के बाद वे अपना काम दोबारा शुरू कर सकें।
मुद्रा शिशु लोन योजना में ब्याज राहत
मुद्रा शिशु लोन योजना के तहत 1500 करोड़ रुपए की ब्याज राहत दी जाएगी। एक लाख 62 हजार करोड़ रुपए इसके तहत दिए गए हैं।
रेंटल हाउसिंग स्कीम
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों के लिए रेंटल हाउसिंग स्कीम लाएगी। पीपीपी मॉडल पर किराये पर रहने के लिए घर बनाएं जाएंगे, जिनमें वे कम किराए में रह सकते हैं। ताकि वे कम किराया खर्च करके शहर में रह सकें।
मजदूरों को मुफ्त राशन
अगले दो महीने तक सभी प्रवासी मजदूरों को बिना कार्ड के ही 5 किलो प्रति व्यक्ति गेहूं या चावल और एक किलो चना प्रति परिवार देगी। इससे करीब 8 करोड़ प्रवासियों को फायदा होगा। इस पर करीब 3500 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी।
बुधवार का राहत पैकेज -1
1. इस अभियान के तहत एमएसएमई के लिए 3 लाख करोड़ रुपए का कोलेट्रल फ्री ऋण देने का प्रावधान या है। ऋण चार वर्ष के लिए होगी और पहले एक वर्ष मूलधन का भुगतान नहीं करना होगा। इसके तहत 100 करोड़ रुपए के कारोबार वाले एमएसएमई को 25 करोड़ रुपए तक का ऋण मिलेगा। यह योजना 31 अक्टूबर 2020 तक उपलब्ध होगी।
2. इसके साथ ही एमएसएमई के परिभाषा में बदलाव किया गया है। एमएसएमई की नई परिभाषा में माइक्रो उद्यम में 1 करोड़ रुपए तक का निवेश किया जा सकेगा और इसके कारोबार की सीमा 5 करोड़ रुपए होगी। और लघु उद्योग में 10 करोड़ रुपए का निवेश किया जा सकेगा और इसका कुल वार्षिक कारोबार 50 करोड़ रुपए का होगा। मध्यम उद्योग में 20 करोड़ रुपए तक निवेश होगा और इसका कुल कारोबार 100 करोड़ रुपए तक का होगा।
3. सभी आयकर रिटर्न की अवधि 30 नंवबर 2020 तक बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही 30 सितंबर तक भरे जाने वोल कर आडिट रिपोर्ट की अवधि भी 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है।
4. पांच लाख रुपए तक के सभी लंबित रिफंड जारी किय जा रहे हैं। अब तक 14 लाख से अधिक रिफंड जारी किये जा चुके है। 30 सितंबर तक की आंकलन तिथि को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2020 और 31 मार्च 2021 तक की तिथि को बढ़ाकर 30 सितंबर 2021 कर दिया गया है।
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