प्रधानमंत्री मोदी ने 2020 में राष्ट्र के लिए 20 लाख करोड़ के आर्थिक राहत पैकेज का भी ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट के बीच मंगलवार को देश को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक राहत पैकेज का ऐलान किया। ये पैकेज भारत की GDP का  करीब-करीब 10 प्रतिशत है. लोगों का मानना है कि इस आर्थिक पैकेज से भारत की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।

करीब 33 मिनट के अपने संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया की बड़ी शक्तियां हिल गई हैं, तब हमने देश के गरीब भाईयों और बहनों की संकल्पशक्ति के दर्शन किए। रेहड़ी-पटरी वालों, मजदूरों और घरों में काम करने वाले गरीब तबके के लोगों ने बड़ा त्याग किया है। अब हमारा कर्तव्य है कि उन्हें आगे बढ़ाया जाए, उन्हें संबस दिया जाए। इसलिए सरकार ने हर तबके लिए कुछ महत्वपूर्ण पैकेज का ऐलान किया है।
देश में लघु उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर
PM ने कहा कि यह आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, हमारे लघु मंझोले उद्योग, हमारे एसएसएमई के लिए है, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन है। जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार है। यह आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक, किसान के लिए है, जो हर स्थिति हर मौसम में देशवासियों के लिए दिनरात मेहनत करता है। यह आर्थिक पैकेज हमारे देश के मध्यम वर्ग के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देता है। देश के विकास में अपना विकास देता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देंगी पैकेज का विस्तृत ब्योरा
उन्होंने कहा कि यह आर्थिक पैकेज भारत के उद्योग जगत के लिए है, जो भारत के आर्थिक सामर्थ्य को बुलंदी देने के लिए संकल्पित है। पीएम ने कहा, आज (बुधवार) से शुरू कर आने वाले कुछ दिनों तक वित्त मंत्री जी द्वारा आपको आत्मनिर्भर भारत अभियान से प्रेरित आर्थिक पैकेज की विस्तार साझा करेंगे। आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए बोल्ड रिफॉर्म की प्रतिबद्धता के साथ देश का आगे बढ़ना जरूरी है।'
आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए राहत पैकेज
प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए, इस पैकेज में Land, Labour, Liquidity और Laws, सभी पर बल दिया गया है। ये आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, हमारे लघु-मंझोले उद्योग, हमारे MSME के लिए है, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन है, जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार है। उनके कारण आज संकट के इस समय भी भारत की व्यवस्थाएं अधिक सक्षम, अधिक समर्थ नज़र आईं हैं. वरना कौन सोच सकता था कि भारत सरकार जो पैसा भेजेगी, वो पूरा का पूरा गरीब की जेब में, किसान की जेब में पहुंच पाएगा. लेकिन ये हुआ. वो भी तब हुआ जब तमाम सरकारी दफ्तर बंद थे, ट्रांसपोर्ट के साधन बंद थे. जनधन-आधार-मोबाइल- की त्रिशक्ति से जुड़ा ये सिर्फ एक रीफॉर्म था, जिसका असर हमने अभी देखा. अब रीफाॅर्म के उस दायरे को व्यापक करना है, नई ऊंचाई देनी है.

मध्यम वर्ग जो ईमानदारी से टेक्स भरता है ये राहत पैकेज उनके लिए है
ये आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक के लिए है, देश के उस किसान के लिए है जो हर स्थिति, हर मौसम में देशवासियों के लिए दिन रात परिश्रम कर रहा है। ये आर्थिक पैकेज हमारे देश के मध्यम वर्ग के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देता है, देश के विकास में अपना योगदान देता है।' उन्होंने कहा कि ये संकट इतना बड़ा है, कि बड़ी से बड़ी व्यवस्थाएं हिल गई हैं। लेकिन इन्हीं परिस्थितियों में हमने, देश ने हमारे गरीब भाई-बहनों की संघर्ष-शक्ति, उनकी संयम-शक्ति का भी दर्शन किया है।
मोदी बोले, कभी आज के ग्लोबल ब्रैंड भी लोकल थे:
संकट के समय इस लोकल ने ही हमें बचाया है। लोकल सिर्फ हमारी जरूरत नहीं है बल्कि हमारी जरूरत है। समय ने हमें सिखाया है कि लोकल को हमें अपना जीवन मंत्र बनाना ही होगा। आज जो हमें ग्लोबल ब्रैंड लगते हैं, वे भी कभी इसी तरह से लोकल थे। लेकिन उन देशों के लोगों ने जब उनका इस्तेमाल किया तो वे प्रोडक्ट लोकल से ग्लोबल बन गए। आज से हर भारतवासी को अपने लोकल के लिए वोकल बनना है। हमें न सिर्फ लोकल प्रोडक्ट्स खरीदने हैं बल्कि उनका गर्व से प्रचार भी करना है।covid-19

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