कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन का साइड इफेक्ट

देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर 918 हो गई है। महाराष्ट्र और गुजरात में आज 6-6 नए मामले सामने आए हैं। इस वायरस के चलते मरने वालों की संख्या 19 है। वहीं वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने 14 अप्रैल तक देशव्यापी लॉकडाउन लगाया है|
लॉकडाउन के बावजूद कुछ लोगों को इससे छूट दी गई है। वे लोग जो जरूरी सेवाओं से जुड़े हैं उन्हें लॉकडाउन में भी आवाजाही से नहीं रोका जा रहा। सरकार ने ऐसे लोगों के लिए कर्फ्यू पास की सहुलियत दी है। व्यापारियों और उनके कर्मचारी जो कि जरूरी चीजों की सेवाओं से जुड़े हैं उन्हें यह पास दिया जा रहा है।

घर जाने को दिल्ली बॉर्डर पर हजारों लोग उमड़े
लॉकडाउन के चौथे दिन देशभर में मजदूरों का अपने-अपने घर के लिए पलायन एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है. इससे निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने कई कदम उठाए हैं. दिल्ली एनसीआर का हाल बुरा है, जहां मजदूर, रिक्शाचालक और फैक्ट्री कर्मचारी अपने अपने गांव की ओर लौटने के लिए हजारों की तादाद में निकल पड़े हैं. लेकिन सिर्फ दिल्ली एनसीआर नहीं बल्कि देश के दूसरे छोटे बड़े शहरों से भी लोगों का पलायन यूं ही जारी है. चाहे वो कानपुर हो, सोनीपत हो या फिर सिरसा या आगर मालवा

दिल्ली-एनसीआर से हजारो की संख्या में लोग अपने घरों को जाने के लिए पैदल ही निकले पड़े हैं। इसमें ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर हैं। जिनका काम लॉकडाउन होने से ठप पड़ गया है। इसे देखते हुए ही उत्तर प्रदेश सरकार ने 200 बसों की व्यवस्था की है।

नीतीश कुमार ने बिहार के बाहर फंसे लोगों से अपील की है। उन्होंने कहा है कि अगर बिहार को बचाना है और बिहार से प्रेम है तो जो जहां हैं वहीं रहें। सरकार आपके लिए हर जरूरी सामान की व्यवस्था कर रही है। 

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